corona की खतरनाक लहर : तेजी से बढ़े नए मरीज,यहां कब्रिस्तान में वेटिंग, अस्पताल में बेड दवाएँ नहीं

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Corona

 

चीन में कोरोना.corona  ने फिर से हाहाकार मचा हुआ है। चीन और जापान जैसे देशों में कोविड मामले बढ़ रहे हैं। खासतौर पर चीन में इन दिनों कोरोना के कारण बिगड़ रहे हालात के लिए विशेषज्ञ ओमिक्रॉन के सबवेरिएंट BF.7 को प्रमुख जोखिम कारक मान रहे हैं।

चीन में कोरोना की मौजूदा लहर से ठीक वैसे ही हालात बन गए हैं, जैसे भारत में दूसरी लहर के समय बने थे। बीजिंग के अस्पतालों में स्टाफ की कमी हो गई है और मरीज बढ़ते जा रहे हैं। एम्बुलेंस के लिए लगातार कॉल आ रहे हैं। लोगों को दवा मिल नहीं रही है और फीवर क्लीनिक के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं। अंतिम संस्कार के लिए भी लोगों को जगह नहीं मिल रही है।

रिश्तेदारों को परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। बीजिंग के फ्यूनरल होम के बाहर बैठी एक महिला ने बताया कि उसके ससुर को हार्ट की समस्या थी और वायरस की चपेट में आने के बाद उनकी हालत बदतर हो गई थी। सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। महिला ने बताया कि उनके अंतिम संस्कार के लिए अपॉइंटमेंट लेने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन पता नहीं उन्हें कब मिलेगा। शंघाई में अधिकारियों ने ज्यादातर स्कूलों को ऑनलाइन क्लास करने के आदेश दिए हैं।

एरिक फेगल-डिंग ने चीन की सरकार को ही इसका जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी CCP यानी सरकार पर आरोप लगाया कि उसका लक्ष्य ही यही है कि जिसे संक्रमित होना है, हो जाए, जिसकी मृत्यु हो रही है, उसे मरने ही दिया जाए। जल्दी संक्रमण, जल्दी मौतें, जल्दी पीक… यानी सबकुछ जल्दी ही ठीक होगा। अस्पतालों, श्मशानों के सर्वे से तो यही जाहिर होता है, क्योंकि मौतों की संख्या में विस्फोट साफ दिखाई दे रहा है।

 

वहीँ, भारत में करीब पांच महीने से कोविड के मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। अगर हफ्तेभर की दर देखी जाए तो कोविड मामलों में गिरावट 18-24 जुलाई के बाद शुरू हुई, जब देश में 1.36 लाख नए केस दर्ज किए गए थे। इसके बाद से ही हर हफ्ते कोरोना मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि बीच में दो हफ्तों में कोविड केस में मामूली सा उछाल दर्ज किया गया था। पिछले हफ्ते जिन 12 मौतों को दर्ज किया गया वे 16-22 मार्च 2020 के बाद से दर्ज की गई सबसे कम मौतें थीं।

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